
What is wrong with Xiaomi?
आज हमारे पास टोटल तीन न्यू स्टोरीज हैं और शुरुआत हम इंट्री बहुत पड़ी है दूसरा
वो ब्रांड परसेप्शन जो वर्षों पहले बना था उसको बदलना इतना इजी नहीं होगा इट विल टेक
अ लॉट ऑफ टाइम बट ऑन द अदर हैंड अगर प्रीमियम प्रोडक्ट्स बनाने भी हैं तो वो
अच्छे बनाने होंगे लोग आप एक एंड्र वर्जन पीछे वाला डाल के लच कर रहे हो और
कि इनके पास पुरानी इन्वेंटरी पड़ी है जिसका मतलब है कि या तो डिमांड कम हो गई
है या xiaomi’s कर लिया कि इतना स्टॉक बिक जाएगा और इसका सिर्फ एक ही सॉल्यूशन है कि
हैवी डिस्काउंट्स देके इन्वेंटरी निकालो लेकिन उससे ब्रांड परसेप्शन और खराब हो
जाएगा और इन्वेंटरी फ्लश होने के बाद नए लॉचेस करने पड़ेंगे लेकिन उसमें भी
प्रीमियम का रोड मैप अनक्लियर है और इनकी 2025 की स्ट्रेटेजी में ये सारी चीजें कवर
नहीं हो रही क्योंकि 2025 में यह अपने आप को स्मार्टफोन प्लस आईओटी कंपनी की तरह
प्रेजेंट करना चाहते हैं और यह प्लान भी कर रहे हैं कि यह अपने पोर्टफोलियो को को
एक्सपेंड कर सके और प्रीमियम स्मार्टफोन मार्केट इनका एक बड़ा फोकस रहेगा अब अगली
न्यूज़ पे मूव करने से पहले आई वुड लाइक टू टॉक अबाउट टुडे स्पनर आट ये एक वन टू
वन लैंग्वेज लर्निंग प्लेटफार्म है जो आपकी लर्निंग को पर्सनलाइज्ड और इंगेजिंग
बनाता है और आप अपने गोल्स के हिसाब से भी क्लासेस ले सकते हो जैसे फॉर एग्जांपल
आपको स्पेसिफिकली अपनी ग्रामर इंप्रूव करनी है तो उसके लिए अलग एक्सेंट के लिए
अलग प्रोनंसिएशन के लिए अलग क्लासेस ले सकते हो और आपको यहां पे नेटिव टीचर्स भी
मिल जाएंगे सो दैट कि आपका एक्सेंट परफेक्ट हो सके मैंने भी अपनी इंग्लिश को
थोड़ा परफेक्शन पे ले जाने के लिए एक लेसन लिया था एंड उसमें टीचर काफी फ्रेंडली थे
एंड उसमें मुझे जहां भी प्रॉब्लम आई उन्होंने चीजों को बहुत इजली एक्सप्लेन कर
दिया सो ओवरऑल इट वाज अ वेरी नाइस एक्सपीरियंस ओके परफेक्ट न वी टक अबाउ
ट्रांजिशनल वडस एंड फ्रेजर वर्ब्स एंड आई सेड बिकॉज यू आर ए कंटेंट क्रिएटर यू नीड
फरवरी में एक न्यूज़ आई थी कि यूके की गवर्नमेंट यानी कि एडवांस डेटा प्रोटेक्शन उसको यूके
यूजर्स के लिए रिमूव करते हैं एडवांस डेटा प्रोटेक्शन यानी कि एडीपी का मतलब होता हैकि जिसका
अकाउंट है सिर्फ वही अपनी फोटोज या इन जनरल आईक्लाउड डाटा देख सकता है
क्योंकि सब कुछ एंड टू एंड इंक्रिप्टेड है अब यूके गवर्नमेंट ने इसी डाटा का एक्सेस
मांगा जिसका एक्सेस व्हिच मींस कि यूके यूजर्स का आईक्लाउड
डाटा अब खतरा हो सकता है और यूएस गवर्नमेंट इसके लिए बिल्कुल राजी नहीं है तो यूके
गवर्नमेंट ने यूएस को अप्रोच किया कि देखो भाई ऐसी कोई बात नहीं है हम यूजर्स का
डाटा नहीं लेंगे हम बस सीरियस केसेस में ही डिमांड रखेंगे हमें सिर्फ यूके
क्रिमिनल्स पे फोकस करना है यूएस रेजिडेंट्स पे नहीं अब देखो गवर्नमेंट्स
आपस में लड़ती रहती हैं और ये दिक्कत काफी पुरानी है कि गवर्नमेंट नेशनल सिक्योरिटी
के नाम पे कंपनी से यूजर्स का डाटा डिमांड करती है इंडियन गवर्नमेंट ने भी सेम रीजन
देके whatsapp बात बनी नहीं और ऐसे केसेस में गवर्नमेंट हमेशा नेशनल सिक्योरिटी का
आर्गुमेंट देती है लेकिन अगर बैक डोर बनता है तो वो सिर्फ लीगल अथॉरिटीज के हाथ में
नहीं रहता हैकर्स भी उसका फायदा उठा सकते हैं और का रिवाज डेवलप हो गया तो फिर बाउंड्रीज
ब्लर हो जाती हैं क्योंकि अगर यूके में airtel’s इंटरनेट पहुंचा सके अब आप ये
सवाल पूछ सकते हो कि अगर रूरल एरियाज में हाई स्पीड इंटरनेट पहुंचाना है तो वो तो
jio5g टावर से कनेक्ट करके आपको इंटरनेट का एक्सेस देता है लेकिन वहीं स्टारलिंग
स्पेस में अपनी सेट सैटेलाइट के थ्रू इंटरनेट देता है अभी ऑर्बिट में स्टारलिंग
की 7000 से ज्यादा सेटेलाइट्स ऑपरेशनल है और क्योंकि ये सैटेलाइट कनेक्शन है तो इसे
कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप पहाड़ों में हो या समुद्र के बीच में आपको हमेशा इंटरनेट
एक्सेस मिलेगा तो में घुसने का बहुत ट्राई कर चुका है लेकिन लीगल हर्डल्स के कारण इनकी एंट्री हो ही
नहीं पाई अब फाइनली स्टारलिंग के लिए ये एक काफी स्ट्रांग मूव है क्योंकि एक तो
ट्राय और ओटी के काफी स्ट्रिक्ट रूल्स हैं जो फॉरेन कंपनीज को डायरेक्टली ऑपरेट करने
ही नहीं देते दूसरा j और airtel को भी सेटेलाइट्स का एक्सेस मिल रहा है तो
इनके लिए भी फायदा ही है क्योंकि एक बार को इंफ्रास्ट्रक्चर सेटअप करना फिर भी
आसान है लेकिन सेटेलाइट्स बना के स्पेस में भेजना तो बहुत अलग टाइप का काम हो गया
तो ज्यादा फायदा टेलीकॉम वालों का है बट ये इस साइड से तो अपना फायदा करवा लेंगे
लेकिन जो इनके सिम कार्ड यूजर्स हैं उनके लिए 5g भी थोड़ा सही हो जाता